Spirituality

लक्ष्मी जी पूजन के दौरान भूलकर भी ना करे यह गलतियाँ वरना जीवन भर माँ नाराज रहेगी, जानिए क्या हे वो बातें ?

विशाल भारत देश में सैकड़ो धर्म और सम्प्रदाय हे और यहाँ प्रतिमाह त्योहारों का हर्षो हुल्लास रहता हे दीपावली को इस सभी त्योहारों में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त हे दीपावली सुख, धन और समृद्धि का त्योहार माना जाता है।  दिवाली  का त्योहार देश और दुनिया में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. दिवाली के आसपास पांच पर्व मनाए जाते हैं. इसमें धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज आदि मनाए जाते हैं. दीपावली पर हर कोई मां लक्ष्मी को मनाने के लिए तन-मन-धन से तैयारियों में लगा हुए हैं। घरों में साफ-सफाई, रंग-रोगन भी चल रही है।

लेकिन कई बार ऐसा होता है। कि लोग सब कुछ सही करते हुए भी छोटी-मोटी गलतियां कर जाते हैं। जिसका खामियाजा हमें घर में बढ़ी परेशानी के रुप में देखना पड़ता है। माता रानी की पूजा के दौरान इन बातों की ख्याल रखें और माता रानी का असीम आर्शीवाद प्राप्त करें | मान्यता है कि जो लोग दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, उनको साल भर धन की कमी नहीं होती है. लेकिन कई बार मां की पूजा में भूलवश भी हुई गलत चीजों का प्रयोग आशीर्वाद की जगह पाप का भागी बना देता है. इसलिए लक्ष्मी मां की पूजा करते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी होता है, आइए जानें क्या….

1. तुलसी को विष्णु प्रिय कहा जाता है और भगवान व‌िष्‍णु के शाल‌िग्राम स्वरूप से उनका विवाह हुआ है. इस नाते वह देवी लक्ष्मी की सौतन हैं. इसलिए देवी लक्ष्मी को कुछ भी अर्पित करते समय उसमें तुलसी और तुलसी मंजरी न डालें. ऐसा करने से लक्ष्मी मां नाराज हो जाती हैं.

2. लक्ष्मी पूजा करते समय कोशिश करें कि दीपक की ज्योत लाल रंग की हो. इसके अलावा दीए को भूलकर भी मां लक्ष्मी के बाईं ओर ना रखें, बल्कि दाईं ओर रखें, क्योंकि भगवान विष्णु को दुनिया में रोशनी फैलाने का प्रतीक माना जाता है और मां लक्ष्मी विष्णु भगवान की पत्नी हैं इसलिए मां लक्ष्मी की पूजा करते समय दीए को हमेशा मां के दाईं ओर ही रखें.

3. मां लक्ष्मी सुहागिन हैं इसलिए भूलकर भी उन्हें सफेद रंग के फूल ना चढ़ाएं. लक्ष्मी मां की पूजा करते समय मां को केवल लाल और गुलाबी रंग के ही फूल चढ़ाएं.

4. लक्ष्मी मां की मूर्ति को भूलकर भी सफेद रंग की दरी पर ना रखें. साथ ही पूजा करते समय सफेद या काले रंग की किसी भी तरह की वस्तु को इस्तेमाल करने से बचें.

5. ऐसी भी मान्यता है कि मां लक्ष्मी की पूजा करते समय भगवान विष्णु की भी आराधना करनी चाहिए, क्योंकि मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु पति-पत्नी हैं. इसलिए उनकी पूजा भी एक साथ करनी चाहिए. दिवाली पर लक्ष्मी मां और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद भी विष्णु भगवान की पूजा कर सकते हैं.

शास्त्रों के अनुसार महालक्ष्मी भगवान विष्णु का साथ कभी नहीं छोड़ती. जहां विष्णु होंगे वहां देवी लक्ष्मी स्वयं आएंगी. देवीभागवत पुराण के अनुसार लक्ष्मी पूजन तभी सफल होता है जब गणेश वंदना के बाद लक्ष्मी-नारायण की आराधना की जाती है. लक्ष्मी मां की पूजा के बाद प्रसाद को मंदिर के दक्षिण तरफ रखें. दिवाली का जश्न मनाने से पहले घर के सभी लोग एक साथ मिलकर लक्ष्मी मां और गणेश जी की पूजा करें और प्रसाद जरूर ग्रहण करें.

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